fundamental rights in hindi

fundamental rights in hindi आज हम आप को भारती संबिधान के मौलिक अधिकार के बारे में बताने जा रहे है। हम सभी जानते है की भारीय संबिधान में 7 मौलिक अधिकार है। जो की सभी भारतीय  नागरिक को स्वतंत्रता  प्रदान करते है.
इस आर्टिकल में जो टॉपिक कवर किये जायेंगे व इस प्रकार है

मौलिक अधिकार

    1. समता या समानता का अधिकार (अनुच्छेद 14 से अनुच्छेद 18)
    2.  स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 19 से 22)
    3. शोषण के विरुद्ध अधिकार (अनुच्छेद 23 से 24)
    4. धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 25 से 28)
    5. संस्कृति और शिक्षा संबंधी अधिकार (अनुच्छेद 29 से 30)
    6. संवैधानिक अधिकार (अनुच्छेद 32)

समता का अधिकार 

ईसे ब्रिटेन के बंबिधान से लिया गया है जिसका वर्णन भारतीय संबिधान के अनुच्छेद 14 से 18 के अंतर्गत किया गया है। समता के अधिकार के कुछ महत्व पूर्ण पॉइंट मई निचे आप के लिए ला रहे है
  • भारतीय कानून के समक्ष सभी को सामान माना जायेगा
  •  सार्वजनिक स्थान पर जाति , लिंग ,धर्म ,रंग एवं गुण के आधार पर भेद भाव नहीं किया जा सकता है।
  • किसी भी नियोजन के लिए भारत में उस वर्ग को आरक्षण दिया जाये गए जिसका प्रतिनिधित्व कम हो।
  • किसी से भेद भाव नहीं किया जा सकता है अगर ऐसा होता है तो भेद भाव करने वाले को 500 rs का जुरमाना या 6 महीने की सजा हो सकता है।
  • भारत का कोई नागरिक किसी अन्य देश से बिना  राष्ट्रपति की आज्ञा के कोई उपाधि स्वीकार नहीं कर सकता है.

#स्वतंत्रता का अधिकार

भारतीय संबिधान में प्रत्येक नागरिक को स्वंत्रता का अधिकार दिया गया है। जिसका उपयोग करके हम देश में कही भी जा सकते है। अपनी   राय रख सकते है और बहुत कुछ। कुछ इम्पोर्टेन्ट पॉइंट इस प्रकार है।

  • बोलने की स्वतंत्रा
  • देश में  कही भी आने जाने की स्वतंत्रा
  • बिना की हथियार के देश मै  कही भी देश के नागरिक एकत्रित हो सकता है
  • देश के किसी भी क्षेत्र में निवास किया जा सकता है जम्मू एवं कश्मीर को छोर कर।
  • बिना किसी डर  के देश का नागरिक संघ बना सकता है।
  • भारत का कोई भी नागरिक सम्पति का अर्जन कर सकता है।
  • किसी भी व्यक्ति को एक अपराध के लिए एक ही बार सजा सुनाया जा सकता है।

 

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